विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस 2025
विश्व डिजिटल साक्षरता दिवस 2025: Govt. Sr. Sec. School Hazipur Dadikar में डिजिटल भविष्य की ओर कदम
2 दिसंबर 2025 को विश्वभर में विश्व डिजिटल साक्षरता दिवस मनाया गया। इस अवसर का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना और सभी को तकनीकी दुनिया से जोड़कर सशक्त बनाना है। इसी महत्वपूर्ण दिन को Govt Sr sec school Hazipur Dadikar में बड़ी उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय ने मिलकर डिजिटल ज्ञान को बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
2025 का विषय (Theme): “सभी के लिए डिजिटल साक्षरता: वैश्विक अंतर को पाटते हुए”
इस वर्ष का विषय “सभी के लिए डिजिटल साक्षरता: वैश्विक अंतर को पाटते हुए” डिजिटल समावेशन और समान अवसरों पर केंद्रित था। लगातार बढ़ती तकनीक के इस युग में हर व्यक्ति के पास डिजिटल कौशल होना अनिवार्य हो गया है। यह थीम विशेष रूप से उन लोगों तक डिजिटल शिक्षा पहुँचाने पर जोर देती है जो आर्थिक, भौगोलिक या सामाजिक कारणों से तकनीक से दूर हैं।
ज्ञान और प्रेरणा से भरा दिन
Govt. Sr. Sec. School Hazipur Dadikar में यह दिन विद्यार्थियों के लिए बेहद शिक्षाप्रद रहा। विद्यालय में विशेष सभा, वर्कशॉप और डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसके बाद आयोजित डिजिटल स्किल वर्कशॉप में छात्रों को कंप्यूटर के बेसिक संचालन, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन जानकारी खोजने और डिजिटल टूल्स का उपयोग करने के तरीके सिखाए गए।
साथ ही, साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन एथिक्स पर विशेष सत्र आयोजित हुआ। छात्रों को बताया गया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय अपनी जानकारी को सुरक्षित कैसे रखें और अपने डिजिटल फुटप्रिंट को सकारात्मक कैसे बनाएँ।
समुदाय को भी मिला सीखने का अवसर
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यह केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा। विद्यालय ने अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के लिए भी डिजिटल प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में मोबाइल फोन का उपयोग, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक पहुँच, डिजिटल पेमेंट और इंटरनेट का सही उपयोग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।
इन गतिविधियों ने समुदाय के उन सदस्यों को भी तकनीक से जोड़ने में मदद की, जिन्हें पहले डिजिटल दुनिया से परिचित होने का अवसर नहीं मिला
डिजिटल समावेशन की ओर एक कदम
विश्व डिजिटल साक्षरता दिवस 2025 सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं था, बल्कि एक वैश्विक संदेश था कि डिजिटल शिक्षा ही भविष्य की कुंजी है।
हाजिपुर दादिकार के इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि यदि स्कूल और समुदाय मिलकर प्रयास करें, तो डिजिटल खाई को कम किया जा सकता है और समाज के हर व्यक्ति को डिजिटल दुनिया से जोड़ा जा सकता है।



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