योग से निरोग की ओर" – अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हाजीपुर डड़ीकर में उल्लासपूर्ण आयोजन
स्थान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हाजीपुर डड़ीकर (ब्लॉक - उमरेण, जिला - अलवर)
दिनांक – 21 जून 2025
"योग से निरोग की ओर" – अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालय में उल्लासपूर्ण आयोजन
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हाजीपुर डड़ीकर में 21 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकगण, स्टाफ सदस्य तथा आसपास के गाँवों से पधारे ग्रामीणजन भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य योग की महत्ता को समझाना और सभी को नियमित योग करने के लिए प्रेरित करना था।
🌿 कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:
सुबह 7 बजे कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और दीप प्रज्वलन से हुई।
विद्यालय के शारीरिक शिक्षक एवं अन्य प्रशिक्षकों ने सभी को विभिन्न योगासन जैसे ताड़ासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, वज्रासन और प्राणायाम आदि का अभ्यास करवाया।
बच्चों ने योग से संबंधित स्लोगन, पोस्टर और भाषण प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
प्रधानाचार्य महोदय ने योग के वैज्ञानिक महत्व और दैनिक जीवन में इसके लाभों पर प्रकाश डाला।
👨🏫 गाँव के लोगों की भागीदारी:
इस विशेष अवसर पर स्थानीय ग्रामीणजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने पूरे उत्साह से योग में भाग लिया और इस पहल की सराहना की। यह देखकर गर्व हुआ कि गाँव के लोग अब स्वास्थ्य के प्रति सजग हो रहे हैं और योग जैसे प्राचीन भारतीय ज्ञान को अपनाने के लिए तत्पर हैं।
✅ योग के लाभ:
शारीरिक स्वास्थ्य – नियमित योग से शरीर लचीला बनता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
मानसिक शांति – ध्यान और प्राणायाम से तनाव, चिंता और अवसाद कम होता है।
एकाग्रता में वृद्धि – विद्यार्थियों के लिए योग एकाग्रता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाता है।
जीवनशैली में सुधार – योग सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देता है।
📸 यादगार पल:
कार्यक्रम के दौरान अनेक फोटो और वीडियो भी लिए गए जिन्हें विद्यालय की दीवार पत्रिका और सोशल मीडिया पर साझा किया गया। सभी उपस्थित लोगों के चेहरों पर योगाभ्यास के बाद आई ताजगी और संतोष साफ दिखाई दे रहा था।
निष्कर्ष:
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यह आयोजन न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि यह एक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी था, जिसने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को योग की शक्ति से परिचित कराया। विद्यालय का यह प्रयास सराहनीय रहा और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा की जाती है।
"योग करें, निरोग रहें!"




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